भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंइस्लाम और भारत ६३
दौर था, प्रत्येक रूप में धन की उत्पत्ति रुक गई थी, जो ख़ज़ाने
पिछली नस्लों ने जमा कर रक्खे थे वे तितर बितर हो गए थे
और आर्थिक और सामाजिक उन्नति बन्द हो गई थी।”*
हमने यूरोपियन लेखकों ही के शब्दों में यूरोप के विविध देशों के ऊपर
एशियाई जातियों के इन हमलों के नतीजों को थोड़े से में बयान कर दिया
है। इस बयान को पढ़कर आसानी से देखा जा सकता है कि भारत या
यूरोप दोनों में से किसकी सरहदें अधिक कमज़ोर रही हैं, या दोनों में से
किसने बाहर के हमलों से अधिक सफलता के साथ अपनी सरहद की रक्षा
की है। इसके बाद भारत और यूरोप दोनों के ऊपर मुसलमानों के हमलों
को बयान करना बाक़ी है।
इस्लाम और भारत
भारत पर मुसलमानों के हमले
अब हम भारत के ऊपर मुसलमानों के हमलों की ओर आते हैं।
हमसे कहा जाता है कि भारत के ऊपर मुसलमानों का हमला अन्तिम
और सबसे अधिक नाशकर हमला था, जिसने देश के सामाजिक, धार्मिक,
नैतिक, आर्थिक और राजनैतिक जीवन का अनन्त काल के लिए नाश कर
दिया और सारे देश को दो अलग अलग एक दूसरे के विरुद्ध दलों में बाँट
- Life and Work in Medieval Europe, by P. Boissonade, conclusion,
p. 233.