भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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कर वहाँ की राजसभा के सदस्यों ( सेनेटर्स ) के बेटों और बेटियों
को, जिन्हें उन्होंने अपने जनान ख़ानों में क़ैद कर लिया था,
इस बात के लिए मजबूर किया कि वे सोने के प्यालों में शराब
भर भर कर उन्हें पिलाएँ । हर हमले के बाद हमला करने वालों
की स्त्रियों की तादाद बढ़ जाती थी । × × × मकदूनियां में,
थिसेली में, यूनान में, इलीरिया में, एपाइरस और डेन्यूब के
प्रान्तों में हमला करने वाले तूरानियों, जरमनों और स्लैव लोगों
ने पुरुषों को क़त्ल कर डाला और स्त्रियों और बच्चों को गिरफ़्तार
कर लिया ! × × × एक्वीटेन का पादरी प्रॉस्पर अपनी एक
कविता में लिखता है कि—‘ईश्वर के मन्दिर जला डाले
गए और मठ लूट लिए गए ! यदि गॉल (फ़्रान्स) की भूमि
पर से समुद्र की लहरें फिर जातीं तो उनसे हमें इतना अधिक
नुक़सान न होता !’ × × × हुण जाति के लोगों ने सब चीज़ों
का नाश कर डाला और जहाँ से निकले, मुल्क को वीरान बना
दिया । × × × इतिहास लेखक हृदेसियस लिखता है कि पाँचवी
सदी में स्पेन का ‘केवल नाम’ बाक़ी रह गया था । पूरब में
और पच्छिम में दोनों जगह बेशुमार खुशहाल नगर मिट गए और
फिर कभी न उभर सके । अकेले हुण जाति ने पूरब में सत्तर नगरों
को बरबाद कर दिया × × × ब्रिटेन में लण्डीनियम (लन्दन),
इबोरेकम ( यार्क ), कैमेलोडूनम ( कालचेस्टर ), डोरोवरनम
( कैण्टरबरी ), वेण्टाइसेनोरम ( नारविच ), एक्वासुलिस ( बाथ )
के खुशहाल छोटे छोटे शहर जिनकी रोमन लोगों ने बुनियाद