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भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal

पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished727 पृष्ठ

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पुराने हमले ५६
ने उन्हें लूट लिया । उनमें से जो बचे वे विजेताओं में मिल कर
एक हो गए × × × ब्रिटेन में एङ्गलो सेक्सन जाति ने ब्रिटेन
जाति को बिलकुल बरबाद कर दिया × × × इन ज़ालिम
हमला करने वालों ने न केवल बड़े बड़े रोमन ज़मींदारों की
ज़मीनें छीन कर उन पर खुद अपने कुटुम्बों सहित रहना ही शुरू
कर दिया, बल्कि उन्होंने उन तमाम ज़मींदारों को मार डाला,
गिरजों को बरबाद कर दिया × × × ब्रिटेन (इंगलिस्तान) में जो
ब्रिटेन जाति के लोग बचे उन्हें उन्होंने गुलाम बना लिया × ×
× चारों ओर इतना दुःख फैल गया कि अनेक निराश लोगों को
केवल गुलामी में ही एक तरह का आश्रय मिला । डेन्यूब और
राइन के ज़िलों में गॉल (फ़्रान्स) में, बेल्जियम में और इतालिया
में रोमन आबादी के जिन लोगों की इन विजेताओं ने जान बख़्श
दी, उन्हें उन्होंने अपना गुलाम बना कर रखा । × × × ब्रिटेन में
इन लोगों ने इस तरह के जुल्म किए कि वहाँ के पुराने
उच्च घरानों के लोग मौत से बचने के लिए अरमोरिका
(पश्चिमोत्तर फ़्रान्स) चले गए और ब्रिटन लोगों की बहुत बड़ी
तादाद को क़त्ल कर डाला गया । × × × एकीटन में और स्पेन
में ईसाई धर्मपरायण लोगों को और पादरियों को पीटा गया,
उन्हें ज़ञ्जीरों से बाँध दिया गया और ज़िन्दा जला दिया गया ।
हर जगह, जब कि शहरों और क़स्बों को लूटा जाता था, स्त्रियों
को बड़ी बेइज़्ज़ती सहनी पड़ती थी । रोम विजय करने के बाद
ऐलेरिक के अधीन विसीगॉथ लोगों ने दरख़्तों के साए में लेट