भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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तेरवाँ अध्याय
अंगरेज़ों की साम्राज्य पिपासा
सर जॉन शोर के बाद मार्किस वेल्सली ब्रिटिश भारत का
गवर्नर जनरल नियुक्त हुआ। मार्किस वेल्सली
मार्किस वेल्सली का शासनकाल इतने अधिक महत्व का था और
उसके समय में इस देश के अन्दर इतने गहरे उलटफेर हुए कि
उस समय की राजनैतिक घटनाओं को बयान करने से पहले वेल्सली
के चरित्र, उस समय के यूरोप की राजनैतिक अवस्था, अंगरेज़
क़ौम की आकांक्षाओं और वेल्सली के शासन के उद्देश को संक्षेप
में दिखा देना आवश्यक है। वेल्सली का नाम पहले लॉर्ड मार्निङ्गटन
था। उसका जन्म सन् १७६० ई० में आयरलैण्ड में हुआ। सन्
१७६३ ईसवी में वह इंगलिस्तान के उस 'बोर्ड ऑफ़ कण्ट्रोल' का
एक मेम्बर नियुक्त हुआ जो कम्पनी के भारतीय शासन की देख