भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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४२४ भारत में अंगरेज़ी राज
इंगलिस्तान की इन सेवाओं के बदले में सर जॉन शोर को
अक्तूबर सन् १७६७ में 'लॉर्ड टेनमाउथ' की उपाधि मिली। मार्च
सन् १७६८ में वह इंगलिस्तान लौट गया। अपने समय में वह 'पक्का
ईसाई' मशहूर था, और राजनीति में वारन हेस्टिंग्स उसका आदर्श
था। निस्सन्देह इंगलिस्तान के लिए उसकी सेवाएँ क्लाइव और
वारन हेस्टिंग्स की सेवाओं के मुक़ाबले की थीं।
. . . . We are obliged entirely to condemn the whole tenor of Oudh
negotiations."—Sir Henry Lawrence in the Calcutta Review for January, 1845