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भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal

पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished727 पृष्ठ

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लॉर्ड कॉर्नवालिस ३६७
वास्तव में कम्पनी के शासन से पहले बुरे से बुरे समय में भी
देश की कभी वह हालत न हुई थी जो कम्पनी के शासन के तीस
साल के अन्दर दिखाई दे गई ।
सात साल भारत में शासन करने के बाद लॉर्ड कॉर्नवालिस
सन् १७९३ में विलायत लौट गया । उसे दोबारा हिन्दोस्तान भेजा
गया, किन्तु उसके चन्द महीने के अन्दर हिन्दोस्तान ही में उसकी
मृत्यु हो गई ।
भारत के अन्दर अंगरेज़ी सत्ता की जड़ों को मज़बूत करने में
कॉर्नवालिस ने ख़ास हिस्सा लिया !
is the state of things which prevails in most of the Zillahs in Bengal."--The
Fifth Report of 1812.