भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
DevanagariHindipublished727 पृष्ठ
पृष्ठ 674, कुल 727 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 674
लॉर्ड कॉर्नवालिस ३६७
वास्तव में कम्पनी के शासन से पहले बुरे से बुरे समय में भी
देश की कभी वह हालत न हुई थी जो कम्पनी के शासन के तीस
साल के अन्दर दिखाई दे गई ।
सात साल भारत में शासन करने के बाद लॉर्ड कॉर्नवालिस
सन् १७९३ में विलायत लौट गया । उसे दोबारा हिन्दोस्तान भेजा
गया, किन्तु उसके चन्द महीने के अन्दर हिन्दोस्तान ही में उसकी
मृत्यु हो गई ।
भारत के अन्दर अंगरेज़ी सत्ता की जड़ों को मज़बूत करने में
कॉर्नवालिस ने ख़ास हिस्सा लिया !
is the state of things which prevails in most of the Zillahs in Bengal."--The
Fifth Report of 1812.