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भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal

पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished727 पृष्ठ

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पृष्ठ 581

३१० भारत में अंगरेज़ी राज
दुनिया से सम्बन्ध हों तो भी वे उन सम्बन्धों को छोड़ देने और दुनिया से
तश्रल्लुक़ तोड़ लेने में ही फ़ख़ करते हैं।"*
निस्सन्देह हैदरअली के पितामह और प्रपितामह दोनों सच्चे
फ़क़ीर थे । जब तक शेख़ अली ज़िन्दा रहा उसके बेटे उसके साथ
रहे। सन् १६९५ ईसवी में शेख़ अली की मृत्यु हुई। बड़ा बेटा शेख़
इलियास बाप का उत्तराधिकारी हुआ। सबसे छोटे बेटे का नाम
फ़तह मोहम्मद था। फ़तह मोहम्मद अपने बड़े भाई की इच्छा के
खिलाफ़ अरकाट के नवाब सआदतउल्ला ख़ाँ की फ़ौज में जमादार
हो गया। फ़तह मोहम्मद ने एक दूसरे मुसलमान फ़क़ीर तंजोर के
पीरज़ादा बुरहानुद्दीन की लड़की के साथ विवाह कर लिया। इस
स्त्री से फ़तह मोहम्मद के दो लड़के हुए। एक का नाम शहबाज़
और दूसरे का हैदरअली था। हैदरअली का जन्म सन् १७२०
ईसवी के क़रीब हुआ।
आज से दो सौ साल पहले अधिकांश भारत में हिन्दू और
मुसलमानों का सामाजिक जीवन एक विचित्र ढंग से परस्पर गुथा
हुआ था। हैदरअली की एक फ़ारसी जीवनी से पता चलता है
कि हैदर के जन्म के समय हिन्दू ज्योतिषियों ने उसकी जन्मपत्री
तैयार की। हैदर 'सिंह' राशि में पैदा हुआ था, इसलिए
ज्योतिषियों ही की राय से उसका नाम हैदर (शेर) अली रक्खा
गया। ज्योतिषियों ही ने पेशीनगोई की कि नवजात बालक एक
* History of Hyder Naik—by Mir Hussen Ali Khan Kirmani, translated
by Col. W. Miles, p. 5.