भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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नवाँ अध्याय
हैदरअली
पिछले अध्याय में हम हैदरअली और अंगरेज़ों की लड़ाइयों
की ओर इशारा कर चुके हैं। सच यह है कि
हैदरअली का हैदरअली से बढ़कर बहादुर, होशियार और
जन्म ख़ौफ़नाक शत्रु अंगरेज़ों को भारत के अन्दर
दूसरा नहीं मिला। जिस तरह नाना फड़नवीस ने अपनी नीतिज्ञता
द्वारा उसी तरह हैदरअली ने जीवन भर अपनी तलवार द्वारा अंग-
रेज़ों को भारत से निकालने का प्रयत्न किया। इसलिए अंगरेज़ों
और हैदरअली की लड़ाइयों का बयान करने से पहले हैदरअली के
जीवन और उसके अद्भुत चरित्र को संक्षेप में बयान करना ज़रूरी है।
हैदरअली का जन्म किसी राजघराने में न हुआ था। उसका
प्रपितामह वली मोहम्मद एक मामूली मुसलमान फ़क़ीर था, जो