सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal

पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished727 पृष्ठ

पृष्ठ 498, कुल 727 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 498

सातवाँ अध्याय
वारन हेस्टिंग्स
[१७७२—१७८५]
सन् १७७२ ई० में वारन हेस्टिंग्स कम्पनी की ओर से कलकत्ते
के फ़ोर्ट विलियम क़िले का गवरनर नियुक्त हुआ।
दो अमली का वारन हेस्टिंग्स की शिक्षा बहुत हो कम थी।
अन्त सन् १७५० के क़रीब वह एक मामूली क्लर्क की
हैसियत से हिन्दोस्तान आया और बहुत दिनों तक चालीस रुपए
मासिक पर मुर्शिदाबाद दरबार के अंगरेज़ वकील के पास काम
करता रहा। मुर्शिदाबाद में रह कर वह क्लाइव की देख रेख में भारत-
वासियों के रस्म रिवाज और कूट नीति के दाव पेंच सीखता रहा।
धीरे धीरे वह क्लाइव से बढ़कर चतुर साबित हुआ और न्याय
अन्याय या पाप पुण्य की उससे भी कम परवा करता था।