भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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मीर जाफ़र की मृत्यु के बाद २३७
से समय समय पर टपकती रहती हैं। वैज्ञानिकों की राय है कि
इन लाल बूँदों के टपकने की वजह पत्थर के अन्दर की कुछ
रासायनिक विशेषता है। किन्तु बंगाल में यह एक आम किम्ब-
दन्ती है कि भारतीय नवाबी के पतन और अंगरेज़ कम्पनी की
सत्ता के प्रारम्भ पर मुर्शिदाबाद का सूना और निर्जीव तख़्त
अभी तक खून के आँसू बहाता रहता है। जो हो, नवाबी के पतन के
साथ साथ बंगाल और वहाँ की प्रजा की इस हृदय विदारक
अवस्था को देखते हुए पूर्वोक्त किम्बदन्ती आश्चर्यजनक प्रतीत
नहीं होती।