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भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal

पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished727 पृष्ठ

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पृष्ठ 37

लेखक की कठिनाइयां ११
इस बात का अनुमान न हो सकता था कि अंगरेज़ विद्वानों के लिखे हुए
भारत के अधिकांश इतिहासों में झूठ की मात्रा कितनी अधिक और कितनी
भयङ्कर है।
सिन्ध के अंगरेज़ विजेता सर चार्ल्स नेपियर के भाई मेजर जनरल
विलियम नेपियर की पुस्तक "दी कॉन्क्वेस्ट ऑफ़ सिन्ध" की शुमार सिन्ध के
ऊपर सबसे अधिक प्रामाणिक अंगरेज़ी पुस्तकों में की जाती है। अंगरेज़ों की
सिन्ध विजय को मनुष्य जाति के ऊपर एक बहुत बड़ा उपकार साबित करने
के लिये विलियम नेपियर ने सिन्ध निवासियों और उनके मुसलमान
शासकों के चरित्र पर जो अनेक कलङ्क लगाए हैं उनमें से एक कलङ्क शिशु
हत्या भी है। नेपियर लिखता है—
“और ये राक्षस खुद अपने बच्चों की किस तरह हत्या करते
थे ? पहले तो वे भ्रूणहत्या के लिए दवाइयां पिलाते थे; यदि
इससे काम न चलता था तो कभी कभी वे बच्चों के पैदा होते ही
अपने हाथों से काट कर उनके टुकड़े टुकड़े कर डालते थे; किन्तु
अधिकतर वे यह करते थे कि इन बच्चों को गद्दों के नीचे डाल कर
उन पर खुद बैठ जाते थे, और जब कि उनके बच्चों का उनके नीचे
घुट कर दम निकलता था, वे उनके ऊपर बैठे हुए तम्बाकू पीते
रहते थे, शराब पीते रहते थे और अपने इस नारकीय कृत्य पर
एक दूसरे से मज़ाक़ करते रहते थे।" ✽
✽ "And how did these monsters destroy their own children? First they
gave potions, called Odalisques, to procure abortion; if these failed, they
sometimes chopped the children to pieces with their own hands immediately