भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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३० भारत में अंगरेज़ी राज
ने बारबार उसे उल्लघंन करना ही अपने लिए अधिक लाभदायक
पाया । सन् १७६६ ईसवी में फ़्रांसीसी कम्पनी तोड़ दी गई। आज
भारत में केवल पुदुदुचरी, चंदरनगर और एक दो और छोटे छोटे
स्थान फ्रांस के क़ब्ज़े में बाक़ी हैं ।
अब हम १८ वीं सदी के मध्य तक पहुँच चुके । पुर्तगालियों,
अंगरेज़ी राज डच और फ़्रांसीसियों तीनों में से किसी की भी
की नींव सत्ता भारत में क़ायम न रह सकी। इसके बाद
केवल अंगरेज़ों की कहानी बाक़ी रह जाती है।
हिन्दोस्तान में अंगरेज़ सौदागरों के राजनैतिक प्रभुत्व की नींव सन्
१७५७ में प्लासी के प्रसिद्ध संग्राम में रक्खी गई, जिसका विस्तृत
वृत्तांत अगले अध्याय में दिया जायगा।