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भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal

पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished727 पृष्ठ

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मुग़लों का समय १३६
को जन्म दिया जाता था, राजपूताना और शेष भारत के हिन्दू दरबारों
में उन्हीं का अनुसरण किया जाता था। प्रोफ़ेसर जदुनाथ सरकार
लिखता है—
"चित्रकला के मैदान में हमारे चित्रकारों ने जो असाधारण
उन्नति मुग़लों के ज़माने में की वह और कभी नहीं की।" ✼
उस समय के अनेक अंगरेज़ यात्री स्वीकार करते हैं कि जहाँगीर के
उदार प्रोत्साहन के प्रताप से जहाँगीर के समय की भारतीय चित्रकला
संसार भर में सब से अधिक उन्नत चित्रकला थी।†
मुग़लों का समय
मुग़लों के हमले
अब हम यह देखना चाहते हैं कि धार्मिक विचारों, शिल्प और चित्र-
कारी से बाहर बाक़ी भारतीय जीवन पर बाहर के मुसलमानों का क्या
असर पड़ा। हम ऊपर लिख चुके हैं कि मोहम्मद ग़ोरी के हमले के समय
से लेकर ३०० साल तक भारत में लगातार संग्रामों और छोटी बड़ी
सल्तनतों का समय था। इसके बाद दिल्ली के मुग़ल साम्राज्य का समय

  • . . . the highest genius was displayed by our artists in this field in the Mughal age."—Mughal Administration by J. N. Sarkar, p. 128.
    † History of Jehangir, by Dr. Beniprasad, M. A., pp. 92-94.