भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
पृष्ठ 17, कुल 727 में से
संदर्भ में पढ़ें( ५ )
सिराजुद्दौला के साथ अंगरेज़ों का व्यवहार—सिराजुद्दौला की अंगरेज़ों पर
चढ़ाई—विजयी सिराजुद्दौला का कलकत्ता प्रवेश—बंगाल से अंगरेज़ों
का निर्वासन—सिराजुद्दौला की उदारता—ब्लैक होल का क़िस्सा—
सिराजुद्दौला की कलकत्ते से वापसी—सिराजुद्दौला के साथ छल—सिराजु-
दौला की दयालुता—बंगाल में अंगरेज़ों का फिर से प्रवेश—साज़िशों का
जाल—कलकत्ते पर अंगरेज़ों का फिर से क़ब्ज़ा—हुगली की लूट और क़त्ले
आम—सिराजुद्दौला और अंगरेज़ों में पत्र व्यवहार—छल से सिराजुद्दौला
का कलकत्ते बुलाया जाना—विश्वासघात—अलीनगर की सन्धि—
अंगरेज़ों की ओर से सन्धि का उल्लंघन—सिराजुद्दौला और वाटसन में पत्र
व्यवहार—दिल्ली सम्राट और सिराजुद्दौला—विश्वासघात द्वारा चन्दरनगर
पर अंगरेज़ों का क़ब्ज़ा—सिराजुद्दौला को धमकी—अंगरेज़ी सेना के
अत्याचार—मीरजाफ़र के साथ गुप्त सन्धि—प्लासी की लड़ाई—मीरमदन
की वफ़ादारी—मीरजाफ़र का पाप—मुर्शिदाबाद की लूट—अमीचन्द के
साथ दग़ा—सिराजुद्दौला की हत्या—सिराजुद्दौला का चरित्र।
पृष्ठ ३१-१०४
——————
तीसरा अध्याय
मीर जाफ़र
हिन्दू मुसलिम पक्षपात का प्रारम्भ—पुराने घरानों के नाश की
योजना—बिहार के राजा रामनारायण पर हमला—उड़ीसा के राजा राम
र्मसिंह पर हमला—पूर्णिया के राजा युगलसिंह पर हमला—राजा दुर्लभ-