भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंभारत में अंगरेज़ी राज
पहला अध्याय
भारत में यूरोपियन जातियों का प्रवेश
चार सौ साल पहले भारत और यूरोप का सम्बन्ध—उस समय का
भारत—भारत के जलमार्ग की खोज—भारत की खोज में कोलम्बस—
भारत में पुर्तगालियों का प्रवेश—पुर्तगालियों के अत्याचार—पुर्तगालियों
की सत्ता का अन्त—भारत में डच जाति—भारत में अंगरेज़ों का प्रवेश—
ईस्ट इण्डिया कम्पनी—जहाँगीर और अंगरेज़—शाहजहाँ और अंगरेज़—
अंगरेज़ व्यापारियों का चरित्र—औरंगज़ेब और अंगरेज़—फ़्रान्सीसियों का
प्रवेश—फ़्रान्सीसी और अंगरेज़—दक्खिन भारत में अंगरेज़ों और फ़्रान्सीसियों
के मोरचे—अंगरेज़ी राज की नींव। पृष्ठ १-३०
दूसरा अध्याय
सिराजुद्दौला
नवाब अलीवर्दी ख़ाँ—उस समय का बंगाल—सिराजुद्दौला को
अलीवर्दी की आख़िरी नसीहत—सिराजुद्दौला और बंगाल की मसनद—