भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंमुसलमानों का यहाँ बस जाना ५५
में पाई जाती हैं, और उससे पहले की किसी भी भारतीय सम्प्रदाय में
नहीं थीं । 'अल्लम' और अल्लाह शब्द भी निस्सन्देह एक दूसरे से मिलते
हुए हैं ।
इसी तरह सिद्धर सम्प्रदाय के लोगों ने एक ईश्वर को माना, आवागमन
के सिद्धान्त से इनकार किया, वेद और शास्त्रों के प्रमाण को अस्वीकार
किया, मूर्तिपूजा को निन्दनीय ठहराया, जाति भेद को झूठा माना, सत्गुरु
की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, इत्यादि । इन लोगों के ग्रन्थों में इसलाम
के शब्द और सूफ़ियों की परिभाषाएँ स्थान स्थान पर पाई जाती हैं ।
मुसलमानों का यहाँ बस जाना
भारतीय जीवन के अनेक पहलुओं पर इसलाम और मुसलमानों के
प्रभाव से थोड़ी देर के लिए हट कर अब हम यह देखना चाहते हैं कि मोहम्मद
बिन. क़ासिम के बाद भारत पर मुसलमानों के कौन कौन से हमले हुए,
मुसलमानों की हुकूमत इस देश में किस तरह क़ायम हुई और किस तरह
बाहर से आने वाले मुसलमान भी इसी देश में बस गए ।
महमूद ग़ज़नवी
सिन्ध पर मोहम्मद बिन क़ासिम के हमले के तीन सौ साल बाद मह-
मpackage/मूद ग़ज़नवी के हमलों का समय आया । ग़ज़नी के शासक महमूद ने कुछ
नगरों को बरबाद किया, कुछ हिन्दू नरेशों के साथ सुलह करके उन्हें सुर-