भक्ति सागर ग्रन्थ: सन्त चरनदास (अष्टांग योग, धर्म-संवाद एवं सम्पूर्ण भक्ति रस महाकोश)

भक्ति सागर ग्रन्थ: सन्त चरनदास (अष्टांग योग, धर्म-संवाद एवं सम्पूर्ण भक्ति रस महाकोश)
Bhakti Sagar Granth of Swami Charandas
सन्त चरनदास जी महाराज द्वारा
DevanagariHindipublished690 पृष्ठ
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श्रीमन्निकुंजविहारिणे नमः ॥
मङ्गलाचरणम् ॥
प्रह्लादनारदपराशरपुण्डरीकव्यासाम्बरीषशुक-
शौनकभीष्मकाद्याः । रुक्माङ्गदार्जुनवसिष्ठाविभी-
षणाद्या एतानहं परमभागवतान्नमामि ॥ १ ॥
( षोडशाक्षरमहामन्त्रः )
हरेराम हरेराम रामराम हरेहरे ।
हरेकृष्ण हरेकृष्ण कृष्णकृष्ण हरेहरे ॥
( अथ श्रीस्वामी चरणदास रचितग्रन्थ )
॰श्रीभक्तिसागर प्रारम्भ ॥
दो०-मथुरा मण्डल परमशुचि, वृन्दावन रसरास ।
रच्यो शुकमुनी शिष्यने, नाम श्यामचरनदास ॥