भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
पृष्ठ 670, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 670
साहसिकता क्रान्ति में सफलता की जान है।
दान्तों¹ का कहना था, “कार्रवाई, कार्रवाई। सत्ता पहले, बहस बाद में”²
पृष्ठ 141 (126)
रूसी प्रयोग³
1917–27
- फ़ेस एण्ड माइण्ड
ऑफ़ बोल्शेविज़्म
ले. रेने फुलप-मिलर - रशिया
ले. माकीव-ओ'हारा - रशियन रिवोल्यूशन
ले. लैंसलॉट लोटन (मैकमिलन) - बोल्शेविस्ट रशिया
ले. एण्टन कार्लग्रीन - लिटरेचर एण्ड रिवोल्यूशन
– त्रात्स्की - मार्क्स-लेनिन एण्ड साइंस
ऑफ़ रिवोल्यूशन
ले. एण्टन कार्लग्रीन
“बोल्शेविकों का दर्शन एकदम,
आक्रामक रूप से भौतिकवादी है,
जिसकी एक मुक्तिदायी विशेषता को
उनके कट्टर से कट्टर दुश्मनों तक को
स्वीकार करना पड़ेगा, और वह यह कि
उनमें किसी भी प्रकार के विभ्रम का पूरी
तरह अभाव है।
वे अपने संस्थापक के इस विश्वास
पर पूरी दृढ़ता से क़ायम हैं कि “प्रत्येक
चीज़ को प्राकृतिक नियमों द्वारा या, एक
संकीर्णतर अर्थ में कहें तो, भौतिक
क्रिया विज्ञान (फ़िजियॉलॉजी) द्वारा
व्याख्यायित किया जा सकता है।”
– पृष्ठ 30 - जॉर्ज जाक दान्तों (1769-1794) : फ़्रांसीसी क्रान्तिकारी। प्रखर वक्ता और फ़्रांसीसी
क्रान्ति के सबसे रैडिकल नेताओं में से एक। राजशाही को उखाड़ फेंकने (1792) में उसकी
प्रमुख भूमिका थी। वह अस्थायी सरकार का प्रमुख बना और ‘नागरिक सुरक्षा की कमेटी’
की स्थापना की जो बाद में क्रान्तिकारी आतंक क़ायम करने का साधन बन गयी। - ये दोनों वाक्य मोटे अक्षरों में पेज पर तिरछे लिखे हुए हैं।
- भगतसिंह ने एक ओर कुछ पुस्तकों और उनके लेखकों के नाम दर्ज किये हैं और उनके
सामने एक उद्धरण लिखा है जिसका स्रोत स्पष्ट नहीं है।
664 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़