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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 617, कुल 788 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 617

खून चूसने वालों के सभी गिरोह काउत्स्की के सुर में सुर मिलाकर, स्वेच्छाचारिता
की चीख़-पुकार मचाने लगे हैं!
(लेनिन) पृष्ठ 77-78¹
पार्टी :
लेकिन यह स्पष्ट हो चुका है कि जब तक क्रान्ति का नेतृत्व करने के लिए
एक सक्षम पार्टी न हो, तब तक कोई क्रान्ति सम्भव नहीं हो सकती।
(पृष्ठ 15, लेसंस ऑफ़ अक्टूबर, 1917)²
सर्वहारा क्रान्ति के लिए पार्टी एक अपरिहार्य उपकरण है।
(पृष्ठ 17, वही, त्रात्स्की कृत)
पृष्ठ 65 (62)
[हस्ताक्षर: BK Dutt, दिनांक: 12/7/30, 12/7/30]³
उसके (मेहनतकश, आदमी के) लिए क़ानून, नैतिकता, धर्म ये सब उसके
(सर्वहारा के) लिए नाना बुर्जुआ पूर्वाग्रह मात्र हैं, जिनकी आड़ में इतने ही बुर्जुआ
स्वार्थ घात लगाये रहते हैं।
कार्ल मार्क्स – घोषणापत्र ⁴

  1. लेनिन, सर्वहारा क्रान्ति और ग़द्दार काउत्स्की
  2. लिओन त्रात्स्की की किताब, लेसंस ऑफ़ अक्टूबर 1917 से
  3. पृष्ठ का ऊपरी लगभग दो-तिहाई भाग ख़ाली है। इसमें सिर्फ़ बी.के. दत्त (बटुकेश्वर
    दत्त) का तिरछा हस्ताक्षर है। और दिनांक 12.7.30 दो बार अंकित है।
  4. मार्क्स-एंगेल्स, कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र
    शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 611