भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 529, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंमें मैंने इतना बड़ा क्रान्तिकारी दल खड़ा कर दिया था, वहीं अपनी रक्षा के लिए
मुझे एक पिस्तौल तक न मिला। कोई नौजवान मेरी सहायता के लिए आगे नहीं
आया। मेरी नौजवानों से प्रार्थना है कि जब तक सभी लोग पढ़-लिख न जायें, तब
तक कोई भी गुप्त पार्टियों की ओर ध्यान नहीं दे। यदि देश-सेवा की इच्छा है तो
खुला काम करें। व्यर्थ बातें सुन-सुनकर ख़याली पुलाव पकाते हुए अपने जीवन
को मुसीबतों में न डालें। अभी गुप्त काम का समय नहीं आया। हमें इस मुक़दमे
के दौरान बड़े अनुभव हुए, लेकिन उनका लाभ उठाने का अवसर सरकार ने हमें
नहीं दिया। लेकिन इस बात के लिए हिन्दुस्तान और ब्रिटिश सरकार बहुत
पछतायेगी।
मुलाक़ात के समय आपने यह भी कहा था कि, “क्रान्तिकारी लोगों में भी
हिम्मत की बहुत कमी है और जनता की हमदर्दी अभी उनके साथ नहीं है। साथ
ही इनमें भी प्रान्तीयता की भावना बहुत है। परस्पर पूरा विश्वास भी नहीं है।” इन
बातों के कारण हमारी हसरतें दिल में ही रह गयीं। मौखिक रूप से इन्कार करने
से ही मुझे 5000 रुपये नक़द और विलायत भेज बैरिस्टर बनने का वायदा मिल
रहा था। लेकिन इस बात को घोर पाप समझकर मैंने इसकी ओर ध्यान भी नहीं
दिया। लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि बड़े-बड़े विश्वसनीय कहे जाने वाले
साथियों ने अपने सुख के लिए छिप-छिपकर पार्टी को धोखा दिया और हमारे साथ
दग़ा किया।
परिशिष्ट / 523