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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 511, कुल 788 में से

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परिशिष्ट : दो
हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का संविधान
1925 की फ़ाइल न. 375, गृह विभाग (राजनीतिक), भारत सरकार
(एनएआई)।
1924 के आख़िर में शचीन्द्रनाथ सान्याल द्वारा तैयार किया गया। इसे पीले
काग़ज़ पर मुद्रित किया गया था और यही कारण है कि इसका उल्लेख आमतौर
पर 'येलो पेपर' के नाम से किया जाता है। – स.
नाम : एसोसिएशन का नाम हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन होगा।
उद्देश्य : एसोसिएशन का उद्देश्य संगठित एवं सशस्त्र क्रान्ति के द्वारा भारत
के संयुक्त प्रान्तों का संघबद्ध गणतन्त्र स्थापित करना होगा।
गणतन्त्र के संविधान का अन्तिम स्वरूप का निर्धारण और घोषणा जन
प्रतिनिधियों के द्वारा उस समय की जायेगी जबकि वे अपने फ़ैसलों को क्रियान्वित
करने की स्थिति में होंगे। गणतन्त्र का मूलभूत सिद्धान्त सार्विक मताधिकार और
ऐसी समस्त व्यवस्थाओं का उन्मूलन होगा जोकि किसी भी प्रकार के मनुष्य द्वारा
मनुष्य के शोषण को सम्भव बनाती हैं।
संविधान : संचालन समिति/एसोसिएशन की संचालन समिति भारत के प्रत्येक
प्रान्त के प्रतिनिधियों से मिलकर बनी केन्द्रीय परिषद होगी। केन्द्रीय परिषद के
फ़ैसलों को पूरा अधिकार प्राप्त होगा।
केन्द्रीय परिषद का प्रमुख कार्य विभिन्न प्रान्तों की गतिविधियों पर निगरानी
रखना, उनके बीच तालमेल और समन्वय क़ायम करना होगा, जिसके बारे में उसे
पूरी जानकारी होगी। भारत के बाहर दूसरे देशों में किये जाने वाले कामों को सीधे
केन्द्रीय परिषद की देखरेख में किया जायेगा।
प्रान्तीय संगठन : एक समिति होगी जोकि प्रत्येक प्रान्त में एसोसिएशन के
पाँच भिन्न-भिन्न विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले पाँच लोगों से मिलकर बनी
होगी, जोकि प्रान्त में एसोसिएशन की समस्त गतिविधियों का नियमन करेगी।
समिति के समस्त फ़ैसले सर्वानुमति से लिये जायेंगे।
विभाग – प्रत्येक प्रान्तीय संगठन में निम्नलिखित विभाग होंगे :
परिशिष्ट / 505