भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 406, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंपिता के नाम भगतसिंह का पत्र
यह पत्र भगतसिंह ने असेम्बली हॉल में बम फेंकने के बाद दिल्ली जेल से अपने
पिता जी को लिखा था। – स.
दिल्ली जेल, 26 अप्रैल, 1929
पूज्य पिता जी,
अर्ज़ यह है कि हम लोग 22 अप्रैल को पुलिस की हवालात में दिल्ली जेल
में तब्दील कर दिये गये हैं। लगभग एक महीने में सारा नाटक समाप्त हो जायेगा।
ज़्यादा चिन्ता करने की ज़रूरत नहीं। मुझे पता चला था कि आप यहाँ आये थे
और किसी वकील आदि से बातचीत की थी, लेकिन कोई इन्तज़ाम न हो सका।
परसों मुझे कपड़े मिल गये थे। जिस दिन आप आयेंगे अब मुलाक़ात हो जायेगी।
वकील आदि की कोई ख़ास ज़रूरत नहीं है। हाँ, एक-दो नुत्तों पर थोड़ा-सा
मशवरा लेना चाहता हूँ, लेकिन वे कोई ख़ास महत्त्व नहीं रखते। आप बिना वजह
ज़्यादा कष्ट न करें। अगर आप मिलने आयें तो अकेले ही आना। बेबे जी (माँ)
को साथ न लाना। ख़ामख़ाह में वे रो पड़ेंगी और मुझे भी कुछ तकलीफ़ ज़रूर
होगी। घर के सब हालात आपसे मुलाक़ात पर मालूम हो जायेंगे। हाँ, अगर सम्भव
हो तो ‘गीता रहस्य’, ‘नेपोलियन की जीवनगाथा’ जो आपको मेरी किताबों में से
मिल जायेंगी और अंग्रेज़ी के कुछ अच्छे उपन्यास लेते आना। बेबे जी (माँ),
मामी जी, माता जी और चाची जी को चरणस्पर्श। कुलबीर सिंह, कुलतार सिंह
को नमस्ते। बापू जी को चरणस्पर्श। इस समय पुलिस हवालात और जेल में हमसे
बहुत अच्छा व्यवहार हो रहा है। आप किसी क़िस्म की फ़िक्र न करना। मुझे
आपका पता नहीं मालूम, इसलिए इस पते पर लिख रहा हूँ।
आपका आज्ञाकारी,
भगतसिंह
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