भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 398, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंजाकर उनसे सारे मामले के बारे में बातचीत कर लेते। अपना आन्दोलन बन्द करने
के बारे में पहले आपको उनकी बुद्धि की प्रतीति करा लेने का प्रयत्न करना चाहिए
था। मैं नहीं मानता कि आप भी इस प्रचलित पुरानी कल्पना में विश्वास रखते हैं
कि क्रान्तिकारी बुद्धिहीन हैं, विनाश और संहार में आनन्द मानने वाले हैं। मैं आपको
कहता हूँ कि वस्तुस्थिति ठीक इसकी उलटी है, वे सदैव कोई भी काम करने से
पहले उसका खूब सूक्ष्म विचार कर लेते हैं, और इस प्रकार वे जो ज़िम्मेदारी अपने
माथे लेते हैं, उसका उन्हें पूरा-पूरा ख़याल होता है। और, क्रान्ति के कार्य में दूसरे
किसी भी अंग की अपेक्षा वे रचनात्मक अंग को अत्यन्त महत्त्व का मानते हैं,
हालाँकि मौजूदा हालत में अपने कार्यक्रम के संहारक अंग पर डटे रहने के सिवा
और कोई चारा उनके लिए नहीं है।
उनके प्रति सरकार की मौजूदा नीति यह है कि लोगों की ओर से उन्हें अपने
आन्दोलन के लिए जो सहानुभूति और सहायता मिली है, उससे वंचित करके उन्हें
कुचल डाला जाये। अकेले पड़ जाने पर उनका शिकार आसानी से किया जा सकता
है। ऐसी दशा में उनके दल में बुद्धि-भेद और शिथिलता पैदा करने वाली कोई भी
भावपूर्ण अपील एकदम बुद्धिमानी से रहित और क्रान्तिकारियों को कुचल डालने
में सरकार की सीधी मदद करने वाली होगी।
इसलिए हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि या तो आप कुछ क्रान्तिकारी नेताओं
से बातचीत कीजिये – उनमें से कई जेलों में हैं – और उनके साथ सुलह कीजिये
या ये सब प्रार्थनाएँ बन्द रखिये। कृपा कर हित की दृष्टि से इन दो में से कोई एक
रास्ता चुन लीजिये और सच्चे दिल से उस पर चलिये। अगर आप उनकी मदद न
कर सकें, तो मेहरबानी करके उन पर रहम करें। उन्हें अलग रहने दें। वे अपनी
हिफ़ाज़त आप अधिक अच्छी तरह कर सकते हैं। वे जानते हैं कि भावी राजनीतिक
युद्ध में सर्वोपरि स्थान क्रान्तिकारी पक्ष को ही मिलने वाला है। लोकसमूह उनके
आस-पास इकट्ठा हो रहे हैं, और वह दिन दूर नहीं है, जब ये जनसमूह को अपने
झण्डे तले, समाज-सत्ता प्रजातन्त्र के उम्दा और भव्य आदर्श की ओर ले जाते होंगे।
अथवा अगर आप सचमुच ही उनकी सहायता करना चाहते हों, तो उनका
दृष्टिकोण समझ लेने के लिए उनके साथ बातचीत करके इस सवाल की पूरी
तफ़सीलवार चर्चा कर लीजिये।
आशा है, आप कृपा करके उक्त प्रार्थना पर विचार करेंगे और अपने विचार
सर्वसाधारण के सामने प्रकट करेंगे।
आपका,
अनेकों में से एक
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