भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 382, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंगवाहियों की अपेक्षा रसगुल्ले ज़्यादा ज़रूरी
आज अदालत में भगतसिंह ने शिकायत की है कि जब बचाव समिति के एक
सदस्य दोपहर में भोजन के लिए कुछ वस्तुएँ ला रहे थे तब खाने योग्य वस्तुएँ
अदालत में नहीं लाने दी गयीं।
दोपहर में भोजन के बाद कथित अपराधी जतिन सान्याल ने मजिस्ट्रेट से
शिकायत की कि उनके लिए बंगाल से रसगुल्ले का पार्सल आया था, लेकिन
जेल-अधिकारियों ने वह इस तरह कुचल डाला कि वे खाने योग्य न रहे।
सरदार भगतसिंह (मजिस्ट्रेट से) : रसगुल्ले बाहर पड़े हैं। क्या आप उनका
मुआयना करने का कष्ट करेंगे। आहा! एक ख़ूबसूरत दृश्य है! बस ज़रा अवलोकन
कर लें! इन गवाहियों की अपेक्षा रसगुल्ले हमारे लिए ज़्यादा ज़रूरी हैं।
जतिन सान्याल : सभी चीजें बहुत बेहूदा हाल में हैं। क्या आप इसे तर्कसंगत
कहते हैं?
सरदार भगतसिंह : यह (मजिस्ट्रेट) बिल्कुल तर्कविहीन हैं।
जतिन सान्याल : यह हम किसे वापस करें, आपको या जेल-अधिकारियों
को?
मजिस्ट्रेट : जेल-अधिकारियों को।
सरदार भगतसिंह : लेकिन इसकी क़ीमत कौन देगा? हमारे दोस्त ने काफ़ी
रकम ख़र्च की है इस पर।
मजिस्ट्रेट : यह बात जेल-अधिकारियों के साथ सम्बन्ध रखती है।
(‘ट्रिब्यून’, लाहौर, 9 अप्रैल 1930 में प्रकाशित)
376 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़