भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 361, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंहमारी ये माँगें पूर्णतया उचित हैं पर जेल-अधिकारियों ने हमें एक दिन कहा
कि उच्च अधिकारियों ने हमारी माँगें मानने से इन्कार कर दिया है। इससे भी
अधिक यह कि ज़बरदस्ती खाना देने वाले हमारे साथ बड़ा बुरा सलूक करते हैं।
1 जून, 1929 को भगतसिंह ज़बरदस्ती खाना देने के पन्द्रह मिनट बाद तक पूरी
तरह बेसुध पड़े रहे। अतः हम यह निवेदन करते हैं कि बिना किसी ढील के यह
दुर्व्यवहार बन्द किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही हमें यू.पी. जेल कमेटी में पण्डित जगतनारायण और ख़ान
बहादुर हाफ़िज़ हिदायत हुसेन की सिफ़ारिश की तरफ़ इशारा करने की आज्ञा दी
जाये। उन्होंने यह सिफ़ारिश की है कि राजनीतिक क़ैदियों के साथ अच्छी क्लास
के क़ैदियों जैसा सलूक किया जाना चाहिए।
हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि हमारी माँगों की ओर ध्यान दिया जाये।
आपके,
भगतसिंह और बी.के. दत्त
नोट : राजनीतिक क़ैदियों से हमारा मतलब उन लोगों से है, जिन्हें
शासन-विरोधी कार्रवाइयों के कारण सज़ा हुई। उदाहरण के लिए, 1915-17 के
लाहौर षड्यन्त्र केस, काकोरी षड्यन्त्र केस व अन्य विद्रोही केसों में सज़ा पाये
लोग।
जेल की सलाख़ों के पीछे से / 355