भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
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होम मेम्बर के नाम पत्र
सेण्ट्रल जेल, लाहौर \hfill 24 जुलाई, 1929
श्रीमान,
होम मेम्बर, भारत सरकार,
हमें (भगतसिंह और बी.के. दत्त) 12 जून, 1929 को दिल्ली के असेम्बली
बम केस में आजीवन कारावास का दण्ड सुनाया गया। जब तक हम दिल्ली जेल
में हवालाती क़ैदी (अण्डर ट्रायल) रहे, हमारे साथ बड़ा अच्छा सलूक किया गया,
पर जब से उस जेल से हमारी तब्दीली मियाँवाली और लाहौर सेण्ट्रल जेल में हुई,
तब से हमारे साथ इखलाकी क़ैदियों जैसा सलूक किया जा रहा है। पहले ही दिन
हमने उच्च अधिकारियों से अच्छी खुराक तथा कुछ और सुविधाओं की माँग की
और जेल की रोटी खाने से इन्कार कर दिया। हमारी माँगें इस प्रकार थीं –
- राजनीतिक क़ैदी होने के नाते हमें अच्छा खाना दिया जाना चाहिए, इसलिए
हमारे भोजन का रूप यूरोपियन क़ैदियों जैसा होना चाहिए। हम उसी तरह की
खुराक की माँग नहीं करते, बल्कि खुराक का स्तर वैसा चाहते हैं। - हमें मशक्क़त के नाम पर जेलों में सम्मानहीन काम करने के लिए बाध्य
नहीं किया जाना चाहिए। - बिना किसी रोक-टोक के पूर्व स्वीकृत (जिन्हें जेल-अधिकारी स्वीकृत
कर लें) पुस्तकें और लिखने का सामान लेने की सुविधा होनी चाहिए। - कम से कम एक दैनिक पत्र हरेक क़ैदी को मिलना चाहिए।
- हरेक जेल में राजनीतिक क़ैदियों का एक विशेष वार्ड होना चाहिए, जिसमें
उन सभी आवश्यकताओं की पूर्ति की सुविधा होनी चाहिए, जो यूरोपियनों के लिए
होती हैं और एक जेल में रहने वाले सभी राजनीतिक क़ैदी उस वार्ड में इकट्ठा
रहने चाहिए। - स्नान के लिए सुविधाएँ मिलनी चाहिए।
- अच्छे कपड़े मिलने चाहिए।
354 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़