भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 339, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंबमकाण्ड पर सेशन कोर्ट में बयान
असेम्बली में बम फेंकने के बाद, 6 जून, 1929 को दिल्ली के सेशन जज
मि. लियोनार्ड मिडिल्टन की अदालत में दिया गया भगतसिंह और बटुकेश्वर दत्त का
ऐतिहासिक बयान। – स.
हमारे ऊपर गम्भीर आरोप लगाये गये हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि हम भी
अपनी सफ़ाई में कुछ शब्द कहें। हमारे कथित अपराध के सम्बन्ध में निम्नलिखित
प्रश्न उठते हैं : (1) क्या वास्तव में असेम्बली में बम फेंके गये थे, यदि हाँ तो
क्यों? (2) नीचे की अदालत में हमारे ऊपर जो आरोप लगाये गये हैं, वे सही हैं
या ग़लत?
पहले प्रश्न के पहले भाग के लिए हमारा उत्तर स्वीकारात्मक है, लेकिन
तथाकथित चश्मदीद गवाहों ने इस मामले में जो गवाही दी है वह सरासर झूठ
है। चूँकि हम बम फेंकने से इन्कार नहीं कर रहे हैं इसलिए यहाँ इन गवाहों
के बयानों की सच्चाई की परख भी हो जानी चाहिए। उदाहरण के लिए, हम
यहाँ बता देना चाहते हैं कि सार्जेण्ट टेरी का यह कहना कि उन्होंने हममें से
एक के पास से पिस्तौल बरामद की, एक सफ़ेद झूठ-मात्र है, क्योंकि जब
हमने अपनेआप को पुलिस के हाथों में सौंपा तो हममें से किसी के पास कोई
पिस्तौल न थी। जिन गवाहों ने कहा है कि उन्होंने हमें बम फेंकते देखा था,
वे झूठ बोलते हैं। न्याय तथा निष्कपट व्यवहार को सर्वोपरि मानने वाले लोगों
को इन झूठी बातों से एक सबक लेना चाहिए। साथ ही हम सरकारी वकील
के उचित व्यवहार तथा अदालत के अभी तक के न्यायसंगत रवैये को भी
स्वीकार करते हैं।
पहले प्रश्न के दूसरे हिस्से का उत्तर देने के लिए हमें इस बमकाण्ड जैसी
ऐतिहासिक घटना के कुछ विस्तार में जाना पड़ेगा। हमने वह काम किस
अभिप्राय से तथा किन परिस्थितियों के बीच किया, इसकी पूरी एवं खुली
सफ़ाई आवश्यक है।
जेल में हमारे पास कुछ पुलिस अधिकारी आये थे। उन्होंने हमें बताया कि
लॉर्ड इर्विन ने इस घटना के बाद ही असेम्बली के दोनों सदनों के सम्मिलित
बहरों को सुनाने के लिए बम का धमाका / 333