सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 330, कुल 788 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 330

पण्डित जी आदि के बारे में कहा था कि ऐसे विद्रोही पत्थरों से सिर मार-मारकर
मर जाते हैं। ध्यान रखना चाहिए कि पंजाब पहले ही बहुत भावुक प्रान्त है। लोग
जल्द ही जोश में आ जाते हैं और जल्द ही झाग की तरह बैठ जाते हैं।
सुभाष आज शायद दिल को कुछ भोजन देने के अलावा कोई दूसरी मानसिक
खुराक नहीं दे रहे हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि पंजाब के नौजवानों
को इन युगान्तकारी विचारों को ख़ूब सोच-विचारकर पक्का कर लेना चाहिए। इस
समय पंजाब को मानसिक भोजन की सख़्त ज़रूरत है और यह पण्डित जवाहरलाल
नेहरू से ही मिल सकता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उनके अन्धे पैरोकार बन
जाना चाहिए। लेकिन जहाँ तक विचारों का सम्बन्ध है, वहाँ तक इस समय पंजाबी
नौजवानों को उनके साथ लगना चाहिए, ताकि वे इन्क़लाब के वास्तविक अर्थ,
हिन्दुस्तान में इन्क़लाब की आवश्यकता, दुनिया में इन्क़लाब का स्थान क्या है,
आदि के बारे में जान सकें। सोच-विचार के साथ नौजवान अपने विचारों को स्थिर
करें ताकि निराशा, मायूसी और पराजय के समय में भी भटकाव के शिकार न हों
और अकेले खड़े होकर दुनिया से मुक़ाबले में डटे रह सकें। इसी तरह जनता
इन्क़लाब के ध्येय को पूरा कर सकेगी।
324 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़