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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 298, कुल 788 में से

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पृष्ठ 298

आर्म्स एक्ट ख़त्म कराओ
1857 के स्वतन्त्रता-संग्राम के बाद भारत को पूरी तरह जकड़ने के लिए बनाये
गये क़ानून के ख़िलाफ़ ‘किरती’ अक्टूबर, 1928 में प्रकाशित एक लेख। — स.
किसी देश पर कुछ लोग जब किसी प्रकार क़ब्ज़ा जमा लेते हैं तो उनकी यही
कामना रहती है कि वह देश हमेशा ही उनके क़ब्ज़े में रहे और वे उसका लहू
निचोड़-निचोड़कर मोटे होते रहें और मौज़ मारते रहें। इसके लिए वे लगातार
प्रयासरत रहते हैं। वे चाहते हैं कि उस क़ौम का कोई साहित्य तथा भाषा न रहे।
देश का कोई इतिहास न रहे। मर्दानगी और बहादुरी का निशान तक मिटा दिया जाये।
इस प्रकार वहाँ की जनता को लगातार दबाया जाता है।
आज हम गुलाम हैं। हमारे ऊपर शासन करने वाली क़ौम दुनियाभर की क़ौमों
में से ज़्यादा चालाक, बादशाहत के मामले में ज़्यादा योग्य और समझदार है। उन्होंने
धीरे-धीरे हिन्दुस्तान को कमज़ोर करने की कोशिशें कीं। ग़लतियाँ भी उनसे हुईं।
उनकी ऐसी ही ग़लतियों का नतीजा था 1857 में हिन्दुस्तान की स्वतन्त्रता की
पहली जंग जो इतनी ज़ोरदार रही। लेकिन वह अपनी ग़लतियों से सीख लेते रहे।
इसलिए हम देखते हैं कि उन्होंने फिर किसी जन-आन्दोलन को ज़ोर नहीं पकड़ने
दिया।
उसी समय उन्होंने एक विशेष योजना के अन्तर्गत हिन्दुस्तान को लगातार
कमज़ोर करने की कुछ नीतियाँ अपना लीं। उनमें से आज हम एक का ज़िक्र करना
चाहते हैं और वह है हिन्दुस्तानियों से शस्त्र छीनने की नीति। 1857 के ग़दर, विद्रोह
या स्वतन्त्रता-आन्दोलन में सामान्य-जन के पास शस्त्र थे, इसलिए बहुत ऊधम
मचा। हिन्दुस्तानी बहादुरों ने एक बार हलचल मचा दी। लेकिन हिन्दुस्तान की
क़िस्मत और पंजाब के बुरे भाग्य। पंजाबियों ने कलंक का टीका माथे पर लगा
लिया। स्वतन्त्रता-आन्दोलन को कुचल डाला गया। अंग्रेज़ों ने सोचा, आख़िर यह
विदेश है — फिर अवसर मिला तो हिन्दुस्तानी पुनः विद्रोह खड़ा कर देंगे, इसलिए
एक बार में ही इनका पूरा इलाज कर देना चाहिए। उन्होंने एक साधारण-पत्र क़ानून
बनाया। उसके अनुसार उन्होंने कुछ विशेष ज़िलों के क्षेत्रों को निःशस्त्र कर दिया।
292 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़