भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 281, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंऔर शिक्षा भी प्राप्त कर रहा था। अगर वह अपने भाई द्वारा प्रकाशित किताब
की बिक्री करके कुछ धन कमा लेता है, तो क्या वह अपराध था? हम समझ
नहीं पा रहे हैं कि यह अपराध कैसे हो गया? आज हज़ारों व्यक्तियों के घरों में
'बन्दी जीवन' होगा। सैकड़ों आदमी वह किताब बेचते होंगे। तो क्या वे सभी
षड्यन्त्रकारी हैं? और जेल भेजने लायक हैं? अगर नहीं तो एक बेचारे इन्द्रचन्द्र
के हाथों में जाते ही 'बन्दी जीवन' ज़हर हो गया है? हमें तो दाल में कुछ
काला-वाला नज़र आता है। कहीं किसी और तैयारी के सिलसिले में ही उस
ग़रीब को यूँ ही जेल में तो नहीं डाल दिया गया? हमें लगता है कि पंजाब के
नौजवानों पर मुसीबत आने वाली है और यह इसी की तैयारी में पहला क़दम
उठाया गया है। लेकिन अंग्रेज़ी सरकार ज़रा ज़ार का इतिहास याद कर लिया करे।
इस तरह के जुल्म कर-करके अपने राज को मज़बूत पाँव पर खड़ा करता-करता
ज़ार आज अपनी हस्ती मिटा बैठा है। याद रखना चाहिए कि जुल्म के साथ कभी
शान्ति क़ायम नहीं हो सकती, राज मज़बूत नहीं हो सकते, बल्कि यह अपने पैरों
पर कुल्हाड़ा मारना है। लेकिन हमारे बड़े शोर-शराबा करने वाले देशभक्तों और
नेताओं को यह अन्धेरगर्दी बन्द करने के लिए आन्दोलन करना चाहिए।
विविध सामाजिक-राजनीतिक प्रश्न : कुशाग्र विश्लेषक दृष्टि / 275