भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
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बायली से मिला। वह अधीक्षक था। उसने झट उन्हें गिरफ़्तार करवा लिया। उनमें
से 120 को तो घरों को लौटा दिया, लेकिन 50 ऐसे थे जिनका कोई घरबार नहीं
था। वे सब सम्पत्ति आदि बेच-बाचकर लड़ने-मरने के लिए तैयार होकर निकले
थे। उन्हें जेल में डाल दिया गया। इस तरह वह आन्दोलन दबा दिया गया और बाबा
राम सिंह का पूरा यत्न निष्फल हो गया। बाद में देश में जितने कूके थे, वे सभी
एक तरह से नज़रबन्द कर दिये गये। उनकी हाज़िरी ली जाती थी। भैणी साहिब
में आम लोगों का आना-जाना बन्द कर दिया गया। ये बन्दिशें 1920 में आकर
हटायी गयीं।
यही पंजाब की आज़ादी के लिए दी गयी सबसे पहली कोशिश का संक्षिप्त
इतिहास है।
विरासत से साक्षात्कार : भारतीय क्रान्तिकारी आन्दोलन / 161