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सर्वकोश
बन्दी जीवन (शचीन्द्रनाथ सान्याल - भारतीय क्रान्तिकारियों की गीता, ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबन्धित)

बन्दी जीवन (शचीन्द्रनाथ सान्याल - भारतीय क्रान्तिकारियों की गीता, ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबन्धित)

Bandi Jeevan by Sachindra Nath Sanyal

शचीन्द्रनाथ सान्याल द्वारा

DevanagariHindipublished408 पृष्ठ

पृष्ठ 319, कुल 408 में से

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पृष्ठ 319

क्रान्तिकारी दल और कम्यूनिस्ट / 317
भ्रश का परिचय देना है, मानो विश्व-प्रीति का आदर्श वोलशेविक रूस की ही देन
है, मानो प्राचीन भारतीय आदर्श मे विश्व प्रीति की कोई कल्पना ही न थी।
पाठकगण स्वयं विचार करेंगे कि किसे बुद्धि-भ्रम हुआ है।
प० जवाहरलालजी का यह कहना कि भारतीय क्रान्तिकारी गण फॉसिस्ट
थे यह भी नितान्त भ्रमात्मक है। इम स्थान पर इस बात की भी आलोचना करना
अनावश्यक समझता हूँ ।