बन्दी जीवन (शचीन्द्रनाथ सान्याल - भारतीय क्रान्तिकारियों की गीता, ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबन्धित)
Bandi Jeevan by Sachindra Nath Sanyal
शचीन्द्रनाथ सान्याल द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंक्रान्तिकारी दल और कम्यूनिस्ट / 311
2 किसान एवं मजदूरों का संगठन करना। इस संस्था की ओर से योग्य
व्यक्तियों को कारखानों, रेलों एवं कोयले की खानों मे भेजा जाय जिससे वहाँ
के मजदूरों पर इनका प्रभाव जम जाय और वे मजदूरों के मन में यह बात अच्छी
तरह से बैठा सकें कि मजदूर वर्ग क्रान्ति के साधन-मात्र नहीं हैं वरन् मजदूर
वर्ग के मंगल के लिए ही क्रान्ति होगी। मजदूरों की तरह किसानों को भी
संगठित करना है।
3. प्रत्येक प्रान्त से एक-एक साप्ताहिक निकाला जाय और उसकी सहायता
से स्वाधीनता और प्रजातन्त्र की बातो का प्रचार किया जाय।
4. विदेशों मे क्या-क्या हो रहा है और उन देशों में विचारधाराएँ किन
दिशाओं की ओर प्रवाहित हो रही है इन सब बातों को समझाने के लिए छोटी-
छोटी पुस्तकें और पुस्तिकाएं प्रकाशित की जाएं।
5. कांग्रेस तथा अन्य सार्वजनिक कामों पर यथाशक्ति अपनी संस्था का
प्रभाव डाला जाय और उनसे यथासम्भव लाभ उठाया जाय।
गुप्त कार्यक्रम
- गुप्त रीति से छापेखाने की प्रतिष्ठा की जाय और उसकी सहायता से
ऐसे साहित्य की सृष्टि की जाय जिसका प्रकाशन प्रकाश्य रूप से सम्भव नहीं
है। - ऐसे साहित्य का प्रचार करना ।
- समस्त देश मे जिलेवार इस संस्था की शाखाएं स्थापित करना होगा ।
- जैसे भी सम्भव हो अर्थ-संग्रह किया जाय ।
- विप्लव के अवसर पर अस्त्र-शस्त्रो के कारखानों एवं सेना परिचालन
का कार्य-भार ग्रहण करने के योग्य बनने के लिए उपयुक्त व्यक्तियों को विदेशों
में सामरिक एवं वैज्ञानिक शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से भेजा जाय। - विदेशों से अस्त्र-शस्त्र मंगाना एव इस देश में उनके निर्माण का प्रयत्न
करना। - विदेशों में भारतीय विप्लवियों के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध रखना एवं उनके
साथ पूर्ण सहयोग से काम करना । - ब्रिटिश सेना में अपनी संस्था के सदस्यों को भरती कराना ।
- समय-समय पर प्रतिशोध के उद्देश्य से ऐसा काम करना जिससे जन-
साधारण की सहानुभूति अपने सिद्धान्त की ओर आकृष्ट हो सके। इस प्रकार
देश में एक ऐसे दल की सृष्टि होगी जिसकी सहानुभूति से हम लाभ उठा
सकेंगे।