बन्दी जीवन (शचीन्द्रनाथ सान्याल - भारतीय क्रान्तिकारियों की गीता, ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबन्धित)

बन्दी जीवन (शचीन्द्रनाथ सान्याल - भारतीय क्रान्तिकारियों की गीता, ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबन्धित)
Bandi Jeevan by Sachindra Nath Sanyal
शचीन्द्रनाथ सान्याल द्वारा
DevanagariHindipublished408 पृष्ठ
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134 / बन्दी जीवन
अवधबिहारी भी बड़े ही भक्त थे और वे भी निष्कलंकियों के निकट जाया-
आया करते थे, किन्तु ऐसा होते हुए भी उन्होंने अपना धर्म नहीं त्याग दिया था,
इसी से सांसारिकता और परमार्थिकता के बीच वे सामंजस्य रख सके। वर्तमान
भारतीय समाज में सांसारिकता और आध्यात्मिकता के इसी सामंजस्य का
विशेष अभाव है।