औचित्यविचारचर्चा (महाकवि क्षेमेन्द्र - औचित्य रससिद्धस्य स्थिरं काव्यस्य जीवितम् सटीक)
Aucitya Vicara Charcha of Kshemendra with Commentary
महाकवि क्षेमेन्द्र (टीकाकार: पं. ब्रजमोहन झा) द्वारा
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मूलस्थकारिकानुक्रमणिका
पृष्ठाङ्क | पृष्ठा
अकदर्थनया १५७ | कृत्वापि
अन्येषु काव्या १९१ | चमत्कारम् ११
अथौचित्यवता ३८ | तस्यात्मजः १९
अलङ्कारा ८ | तिलकम् १
अवस्थौचित्य १०२ | तेषां परस्परा ८
आसीत् प्रकाशेन्द्र १९३ | देशौचित्येन १४
उचित १० | नाम्ना कर्मानुरूपेण १८
उचितम् ११ | पदे वाक्ये १
उचितस्थान १३१ | पूर्णार्थधातुः १८
उचितार्थं २४ | प्रतिभाभरणम् १६
उचितेन १७७ | प्रतिभाया
उचितेनैव ११६ | प्रस्तुतार्थौचितः ३
उचितैरेव १२० | यः श्रीस्वयं ९१
उपसर्गे १२ | यस्यासिः १९
औचित्यरचितम् १९ | यथा मधुर
औचित्यस्य ६ | योग्योप १२
कालौचित्येन १३४ | विशेषणैः १२
काव्यम् १५१ | श्रीरत्नसिंहे १०
काव्यस्या ७ | सगुणत्वम्
काव्यार्थः १४७ | सान्वयम् ९
कुर्वन्सर्वाशये ४५ | सारसङ्ग्रह १६
कुलोपचित १४४ | स्वभावौचित्यम् १६
कृतारिवञ्चने ५ |