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सर्वकोश
आत्मतत्त्वविवेक / बौद्धधिक्कार (उदयनाचार्य - महामहोपाध्याय पं. केदारनाथ त्रिपाठी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

आत्मतत्त्वविवेक / बौद्धधिक्कार (उदयनाचार्य - महामहोपाध्याय पं. केदारनाथ त्रिपाठी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

Atmatattvaviveka of Udayanacharya

आचार्य उदयन (व्याख्याकार: पं. केदारनाथ त्रिपाठी) द्वारा

DevanagariHindipublished530 पृष्ठ

पृष्ठ 41, कुल 530 में से

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पण्डितरत्न श्रीगौरीनाथजी शास्त्री एव सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्या-
लयके भू० पू० कुलपति नैयायिकधुरन्धर पण्डितराज श्रीबदरीनाथजी
शुक्ल, महानुभाव प्रमुख हैं। श्रीशुक्लजीने प्राक्कथन लिख कर मुझे
अत्यन्त ही अनुगृहीत किया है ।
इस ग्रन्थके प्रकाशनमें दूसरी उल्लेखनीय सहायता हमारे भूतपूर्व
शोधच्छात्र एव वर्तमानमें महामण्डलेश्वर स्वामी श्रीशिवचैतन्यपुरीजी
शङ्करआश्रम, वृन्दावनकी प्राप्त हुई, जिन्होंने एक हजार एक सौ एक
रुपये एतदर्थ प्रदान कर अपनी सहज उदारता एव प्रेमको मानो मूर्तरूप
दिया । उनका मैं अत्यन्त आभारी हूँ । अन्तमें सहृदय विद्वज्जनसे
पुनः निवेदन है कि मानव सुलभ त्रुटिको क्षमा करते हुए अपने अमूल्य
सुझावोंसे हमे अनुगृहीत करेंगे ।
इस ग्रन्थके मुद्रण-कार्यको शीघ्र एव सुन्दर बनानेमे सतत संलग्न
श्रीविद्याप्रेसको भी मै हार्दिक आशीर्वाद एव धन्यवाद देता हूँ जिसके
सहयोगसे इसका प्रकाशन कार्य समयपर सम्पन्न हो सका है।
इति शिवम् ।

केदारनाथत्रिपाठी
२०।१२।८३


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