सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 38, कुल 1063 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 38

३२. इंद्र की महिमा १-३
३३. इंद्र के लिए सोम रस का संस्कार १-३
३४. इंद्र के बल की महिमा १-१८
शंबर असुर का वध ११
३५. इंद्र की स्तुति १-१६
महान् इंद्र के असाधारण कर्म का वर्णन ७
३६. इंद्र की स्तुति १-११
धन की याचना ३
३७. इंद्र की स्तुति का वर्णन १-११
इंद्र का वज्र ३
३८. इंद्र से सोम रस पीने का आग्रह १-६
इंद्र का पूजन ४
३९. इंद्र का आह्वान १-५
४०. इंद्र की महिमा का गुणगान १-३
४१. बलशाली इंद्र का वर्णन १-३
४२. इंद्र की शक्ति १-३
४३. इंद्र से शत्रु विनाश की कामना १-३
४४. इंद्र की स्तुति १-३
४५. इंद्र को पास बुलाने का आग्रह १-३
४६. इंद्र की महिमा १-३
४७. इंद्र का वर्णन व स्तुति १-२१
इंद्र के रथ में घोड़ों को जोड़ना ११
४८. इंद्र की स्तुति १-६
सूर्य की किरणों के तीस मुहूर्त दीप्त ६
४९. इंद्र की स्तुति १-७
५०. इंद्र की महिमा का गुणगान १-२
५१. इंद्र के आयुधों का वर्णन १-४
५२. सोमरस १-३
५३. इंद्र से यज्ञ में आने का अनुरोध १-३
५४. इंद्र से यज्ञ में आने का अनुरोध १-३
५५. इंद्र को यज्ञ में बुलाने का संकल्प १-३
५६. इंद्र की स्तुति और वर्णन १-६
५७. रक्षा के लिए इंद्र का आह्वान १-१६
५८. इंद्र की महिमा की प्रशंसा १-४
५९. इंद्र की स्तुति १-४
इंद्र का यज्ञ भाग ३
६०. अन्न एवं धन के स्वामी इंद्र की प्रशंसा १-६
ebook converter DEMO Watermarks*