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सर्वकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 39, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 39

इंद्र को प्रिय लगने वाली स्तुतियां ६
६१. इंद्र की हवि से पूजा १-६
६२. इंद्र से रक्षा की कामना १-१०
इंद्र की स्तुति ४
६३. इंद्र की स्तुति १-९
६४. स्वर्ग के स्वामी इंद्र की स्तुति १-६
६५. इंद्र की स्तुति १-३
६६. इंद्र का यज्ञ में बैठना १-३
६७. इंद्र की महिमा का गुणगान १-७
अग्नि की स्तुति ३
६८. रक्षा के लिए इंद्र का आह्वान १-१२
यज्ञशाला में इंद्र का गान ११
६९. इंद्र का चिंतन १-१२
सूर्य रूप इंद्र ११
७०. इंद्र की स्तुति १-२०
इंद्र की महिमा १२
७१. इंद्र की महिमा का वर्णन १-१६
शत्रुओं द्वारा इंद्र के बल की प्रशंसा १६
७२. इंद्र की स्तुति और वर्णन १-३
७३. इंद्र की प्रशंसा १-६
हवि रूप अन्न का सेवन ३
इंद्र द्वारा दुष्कर्म करने वालों का वध ६
७४. इंद्र की स्तुति १-७
पाप वृत्ति वाले राक्षसों के वध की कामना ५
७५. गोदान के अवसर पर अन्न की कामना १-३
७६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-८
इंद्र की प्रशंसा ३
७७. इंद्र की प्रशंसा १-८
इंद्र हेतु मंत्रों के समूह का उच्चारण २
मंत्रों के द्वारा दर्शनीय स्वर्ग का ज्ञान ३
७८. सोमरस का संस्कार और इंद्र की स्तुति १-३
७९. इंद्र की स्तुति १-२
८०. इंद्र की स्तुति १-२
८१. इंद्र के समान कोई महान नहीं १-२
८२. इंद्र की स्तुति १-२
८३. इंद्र से मंगलकारी घर की कामना १-२
८४. इंद्र की स्तुति का परामर्श १-३
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