अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)

अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)
Ashvavaidyaka of Jayadatta Suri with Commentary
जयदत्त सूरि (सम्पादक: उमेशचन्द्र गुप्त कविरत्न) द्वारा
DevanagariHindipublished522 पृष्ठ
पृष्ठ 380, कुल 522 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 380
[ १४ ]
५३ अर्शोरोगाध्याये—
पृ० श्लो०।
,, अर्शोलक्षणम् ... ... २९५–१
,, तच्चिकित्सा ... ... .. २९५–३
५४ उत्कर्णरोगाध्याये—
,, उत्कर्णलक्षणचिकित्सितम् ... २९७–१
५५ वातव्याध्यध्याये—
,, मन्यास्तम्भादिलक्षणानि ... ३००–१
,, एषां चिकित्साः ... ... ३०२–१३
५६ उन्मादाध्याये—
,, उन्मादनिदानलक्षणम् .. ... ३०३–१
,, तच्चिकित्सा ... ... .. ३०३–५
५७ ग्रहगृहीताध्याये—
,, ग्रहनामलक्षणानि .. ... ३०५–१
,, तेषां शान्त्यादिचिकित्सा .. ३१०–३३
५८ शोषरोगाध्याये—
,, वातादिशोषलक्षणानि ... ... ३११–१
,, एतच्चिकित्साः ... ... ... ३१३–६
५९ वातबलासकाध्याये—
,, वातबलासकलक्षणचिकित्सितम् ... ३१५–१
६० व्यापदध्याये—
,, व्यापल्लक्षणचिकित्सितम्... ... ३१७ १