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सर्वकोश
सम्राट अशोक के अभिलेख (शिलालेख, स्तम्भलेख एवं गुहालेख - मूल प्राकृत, ब्राह्मी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

सम्राट अशोक के अभिलेख (शिलालेख, स्तम्भलेख एवं गुहालेख - मूल प्राकृत, ब्राह्मी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Inscriptions of Emperor Ashoka with Hindi Commentary

देवानांप्रिय प्रियदर्शी सम्राट अशोक (सम्पादक: जनार्दन भट्ट) द्वारा

DevanagariHindipublished80 पृष्ठ

पृष्ठ 78, कुल 80 में से

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पृष्ठ 78

(अनेकार्थ० ३.८२३)। पालि - ब्राह्मणे (ब्राह्मणः)।13.• आजीविकेसु = आजीविकों में। सं. - आजीविकेषु। पालि - आजीविको, अजीवको (आजीवकः, अजीवक्कः)।14.• निगिंथिसु = निर्ग्रन्थों में। सं.- निर्ग्रन्थेषु। निर्ग्रन्थः - निर्गतो ग्रन्थेभ्यः। क्षपणकः, दिगम्बरः, बौद्धभेद, मुनिसंघे, मुनिभेदे च। निर्ग्रन्थि, मूर्खे, निःकवचम्, Wait:मुनिसंघेorमुनिभेदे? Let's read character by character: क्षपणकः, दिगम्बरः, बौद्धभेद, मुनिसंघे, मुनिभेदे च। निर्ग्रन्थि, मूर्खे, निःकवचम्, Wait, look at: क्षपणकः, दिगम्बरः, बौद्धभेद, मुनिसंघे, मुनिभेदे च। निर्ग्रन्थि, मूर्ख, निःकवचम्, निर्गते गते वा' (शब्द०)। 'नग्नाटकोनिर्ग्रन्थककम्बलीश्यापथा नग्ने' (