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सर्वकोश
अनङ्गरङ्ग (महाकवि कल्याणमल्ल - कामशास्त्र एवं रति-प्रयोग संस्कृत मूल पाठ)

अनङ्गरङ्ग (महाकवि कल्याणमल्ल - कामशास्त्र एवं रति-प्रयोग संस्कृत मूल पाठ)

Ananga Ranga of Kalyanamalla with Commentary

महाकवि कल्याणमल्ल (सम्पादक: पं. शालिग्राम वैश्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished112 पृष्ठ

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चुंबनलिंगन०, M सुचुम्बनाश्लेषण०.—(44) V गाध्रयाश्च, B गां-
ध्याश्च, IO गांध्याब्धकाश्मीर.—(45) B, M ° भवाः पुरंधयः.—
(46) L ° सात्म्यमवबुध्य सदैव.—(47) L, B संतोपयच्च.—(48) L,
IO ° प्रयोगैः.—(49) M प्राणैस्सदा समुपयाति न; B समत्व-
मपि'याति.—
VI.
(1) IO, R ° विदग्धैः.—(2) V M ° साम्यं.—(3) M विज्ञेयं.—
(4) M कला बिन्दोरगोचरम्.—(5) V व्योपा°; M माषा चूर्ण-
कथ वरा०.—(6) M क्षिप्रन्नताङ्गी सा° प्रागेव द्र°.—(7) B ° सम-
न्वितं.—(8) M °येद्भुवम्, V °येद्रुते, B °येद्रुतौ.—(9) B
सतांबूलं.—(10) B,