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सर्वकोश
अनङ्गरङ्ग (महाकवि कल्याणमल्ल - कामशास्त्र एवं रति-प्रयोग संस्कृत मूल पाठ)

अनङ्गरङ्ग (महाकवि कल्याणमल्ल - कामशास्त्र एवं रति-प्रयोग संस्कृत मूल पाठ)

Ananga Ranga of Kalyanamalla with Commentary

महाकवि कल्याणमल्ल (सम्पादक: पं. शालिग्राम वैश्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished112 पृष्ठ

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पृष्ठ 82

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IO, R, P 138 विश्रान्तः, M चित्रान्तः.--(27) L सम्भोगानल्प-
सुखाः.--(28) B °भृतस्त्वारक°.--(29) L, M बिभ्रतः.--(30) M,
B °शिरोधरा°.--(31) M कृशकन्दरालघुरदश्रो°.--(32) B तो-
षिणः.--(33) L, B, M पीनोह°; M स्फुट instead of स्थल.--
(34) L प्रौढेर्ष्याः कुटिलाङ्गजानु कुनखा; B °जानुजघना.--(35)
B °सुगन्धि°.--(36) V आदित्यांगुलि°.--(37) L विभ्रते, M
बिभ्रतः.--(38) L चतुङ्गं, M प्रतुङ्ग°--(39) B सुतुच्छोदरी.--(40)
L कोमलवलिवर्यभुजिका, M कोमलचञ्चुजूर्भुजलता, V कोमल-
पल्लवालघुभुज, B कोमलचारुवर्तुलभुजा.--(41) L °कर्णा शु-
भा.--(42) L चारु instead of मञ्जु; M °म्बुजगन्धिमन्मथ-
जलास्पन्दं; IO, R शीतोष्णा मकरंदगंधि°--(43) M कान्ते
ऽतिरागान्विता, B कान्तानुरागा°.--(44) L प्रबलप्रगन्धि.--
(45) M °कर्णयुगला.--(46) V °गलकाप्रातिस्थूल°; IO, R, M
प्रस्फार°.--(47) M रदवक्त्ररवं°, B रदवक्र°, IO पिंगाक्षो-
दर°.--(48) M, R ह्रस्वा.--(49) M, L °स्वरा.--(50) B त्यक्त-
स्पृहा.--(51) M चपलाङ्गिका, B तरलांगिका.--(52) B रतादं-
पत्यं.--(53) L °भोजिनी.--(54) L, IO °गन्धमपि.--(55) L
दृश्यते.--(56) L तत्सङ्करे ऽपि बाहुल्याल्लक्ष्यं निर्धारयेद्बुधः;
B संकुयाच्चाविशेषतः•
———
IV.
(1) B °संख्यकाष्टमुदिता.--(2) L ततस्त्रिंशतिं.--(3) L तरुणी
पतत्रिविशिखैः प्रख्यन्तु; M °विशिखैस्संख्या तु .--IO ततः सा
--(5) B कामकलापविधिषु, TO, R कामकलापजातविधिषु.--(6)