अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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दस व्यक्तियों को लम्बी कैद की सजा हुई। शचीन्द्रनाथ सन्याल को साढ़े
बाइस साल की सजा हुई।¹ गवाहों के बयान से साबित हो गया था कि
कई बार फौजों को भड़काने की चेष्ठा की गयी, राजद्रोही परचे बाँटे गये।
पुलिस को तलाशी में निम्न वस्तुएं प्राप्त हुई -
- एक 450 छै फायर वाला रिवाल्वर
- एक टिन कारतूस
- एक ब्रीच लोडिंग राइफल
- एक दोनाली 500 एक्सप्रेस राइफल
- एक दोनाली बन्दूक
- सत्रह करौलियाँ
- बहुत से कारतूस
- एक पैकेट बारूद
- 'स्वाधीन भारत' और 'लिबर्टी' पर्चे
विनायक राव कापले जो बनारस षड्यन्त्र से सम्बन्ध रखते थे 9 फरवरी
1918 को मार डाले गये। बाद में उन्हीं से सम्बन्ध रखने वाले सुशील
लाहिड़ी पकड़े गये।
सुशील लाहिड़ी ने भी संयुक्त प्रान्त में क्रांतिकारी गतिविधियाँ
चलाने का प्रयास किया। संयुक्त प्रान्त में दूसरा बड़ा आन्दोलन जो
क्रांतिकारियों द्वारा हुआ वह था मैनपुरी काण्ड जिसकी चर्चा की जा चुकी
है। उत्तर प्रदेश में क्रांतिकारी आन्दोलन का नेतृत्व बनारस के बंगाली
क्रांतिकारियों ने किया। यह ज्ञातव्य है कि इसकी प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के
बहुत से देश भक्त क्रांतिकारी गतिविधियों की ओर आकर्षित हुए। - भारतीय क्रांतिकारी आन्दोलन का इतिहास, मन्मथनाथ गुप्त पृष्ठ-86
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