अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
DevanagariHindipublished297 पृष्ठ
पृष्ठ 72, कुल 297 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 72उनके साथ ही कई क्रांतिकारी फरार हो गये थे।¹ शाहजहाँपुर के जो
उनके साथ ही कई क्रांतिकारी फरार हो गये थे।¹ शाहजहाँपुर के जो
क्रांतिकारी मैनपुरी षड्यंत्र केस में सम्मिलित थे, उनका विवरण निम्नवत्
है।
फरार होने वाले व्यक्तियों में पं० कालीचरन भी थे। अशफाक की
हाकी टीम में कालीचरन खिलाड़ी के रूप में भी थे। निश्चित ही उनका
असर अशफाक पर पड़ा होगा। पं० कालीचरन के धोखे में पुलिस ने
अशफाक से भी पूछताछ की थी। पंडित कालीचरन, जानकी प्रसाद के पुत्र
थे, जो बद्रीपुर हदीश, पुवायां के निवासी थे। अशफाक के खिलाड़ी साथी
कालीचरन मिशन हाई स्कूल के छात्र थे। उन्हें पुलिस ने 18 जनवरी 1919
को गिरफ्तार किया।² जिस समय कालीचरन को गिरफ्तार किया गया वे
बरेली कालेज बरेली के छात्र थे। पुलिस ने कालीचरन पर आरोप लगाया
कि उनके कमरे से कुछ कागजात मिले जिन पर उर्दू, हिन्दी व अंग्रेजी में
सरकार विरोधी कविताएं लिखी थीं। कालीचरन के लेख की पुष्टि बरेली
कालेज के इतिहास विभाग के प्राध्यापक एस०सी० दत्त ने की। कविताओं
का मुख्य अर्थ जनता को देश के प्रति बलिदान देने हेतु प्रेरित करना था।
एक कविता उदाहरणार्थ दी जा रही है - 'प्रिय देश वासियों! निद्रात्यागो
समय कम है। प्रियवर! विलम्ब न करो। देशहित हेतु क्रांतिकारियों का
साथ दो।³ मैनपुरी काण्ड के तहत लालारामधीन को गिरफ्तार कर लिया
गया। रामधीन वस्त्र विक्रेता थे और सदर बाजार में रहते थे। लेकिन
लाला रामधीन के विरुद्ध कोई प्रमाण न होने के कारण 23 जनवरी, 1919
को छोड़ दिया गया।⁴ राम प्रसाद बिस्मिल तो फरार थे ही वे कुछ दिन
आगरा में रहे और रूप सिंह नाम रखकर डॉक्टरी भी की।
- अशफाक उल्ला खाँ, भवानी सिंह राणा, पृष्ठ-34
- स्वतंत्रता आन्दोलन में शाहजहाँपुर का योगदान, डा०एन०सी० मेहरोत्रा, पृष्ठ-92
- स्वतंत्रतां आन्दोलन में शाहजहाँपुर का योगदान, डा०एन०सी० मेहरोत्रा, पृष्ठ-92
- स्वतंत्रता आन्दोलन में शाहजहाँपुर का योगदान, डा०एन०सी० मेहरोत्रा, पृष्ठ-88
48