अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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- इस क्रांतिकारी संस्था की 'शिल्पकारी' शाखा भी थी। इसका कार्य
भारतीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना, विदेशी वस्तुओं को रोकना
और बम आदि युद्ध सामग्री बनाने का प्रशिक्षण देना था।¹
क्रांतिकारियों को उक्त शाखाओं को सम्पादित करना था। इस हेतु
उन्हें एक शपथ पत्र पर नाम, दिनांक, पूरा पता सहित हस्ताक्षर करना
आवश्यक था।
शपथ पत्र इस प्रकार था : -
<u>शपथ-पत्र</u>
वन्देमातरम्
श्रीमान जी,
मैं अपने प्रति नतमस्तक होता हूँ।
‘‘आज मैं अपने को गुप्त संस्था के सदस्य के रूप में भरती करता हूँ।
सर्वान्तर्यामी एवं सर्वव्यापी ईश्वर के नाम पर मैं यहाँ प्रतिज्ञा करता हूँ कि
मैं कभी संस्था के हित के विरुद्ध विश्वासघात नहीं करूंगा। भारत माता
के नाम पर मैं घोषित करता हूँ कि मैं उसे विदेशियों की दासता से मुक्त
करूँगा और उसका सच्चा कर्तव्यपरायण पुत्र बना रहूँगा। मृत्यु पर्यन्त देश
की सेवा से परांगमुख नहीं बनूँगा। मैं मातृभूमि के लिए अपना तन मन
धन अर्पण करने को तैयार रहूँगा। मैं माता का सच्चा पुत्र हूँ और कभी
संस्था के कार्य में बाधक नहीं बनूँगा। सूर्य अपनी ऊष्मा और चन्द्रमा
अपनी शीतलता भले ही छोड़ दे लेकिन मैं अपने कर्तव्यों के प्रति कभी
पीठ नहीं दिखाऊँगा। आवश्यकता पड़ने पर मैं पारिवारिक बन्धनों की भी
चिन्ता नहीं करूँगा। - मैनपुरी जनपद का राजनैतिक इतिहास, चिन्तामणिशुक्ल, पृष्ठ-62
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