अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
पृष्ठ 182, कुल 297 में से
संदर्भ में पढ़ेंजिला जेल लखनऊ या फैजाबाद जेल (फाँसी घर) से लिखे गये पत्र से
अशफाक के महान क्रांतिकारी जीवन और मातृभूमि के लिए त्याग की
भावना का परिचय मिलता है।
<u>बड़े भाइयों को पत्र</u>
डिस्ट्रिक्ट जेल, लखनऊ
26 फरवरी, 1927
बनाम रियासत उल्ला खाँ साहब!
बसद अदब गुजारिश है कि कल 25 माह हाल को स्पेशल मजिस्ट्रेट
साहब ने तलब किया था कि गवाहों के सफाई की फेहरिस्त वजाहत के
साथ पेश करो ताकि यह मालूम हो सके कि हर एक चार्ज के मुतल्लिक
गवाह पेश करना है? और गवाहान की फेहरिस्त में इख्तसार की जरूरत
है। मैंने इनकार कर दिया कि बगैर भाई से मशविरा किये हुए मैं कोई
राय कायम नहीं कर सकता। लिहाजा 11 मार्च, फिर पेशी की मुकर्रर है।
इस दरम्यान में आप मुझसे जरूर मिल लीजिए मय उन गवाहान की
मुकम्मिल फेहरिस्त, मय बलदियत व सकूनत, जिनका आप ने जिक्र
किया था और जब आप जेल पर आयें, हजेला साहब को हमराह
लाइएगा। उस रोज के वास्ते वक्त आध घंटे से ज्यादा दिया जायेगा और
भी सबको साथ लाइएगा।
खादिम
अशफाक.....1
- अशफाक उल्ला खाँ, भवान सिंह राणा, पृष्ठ -132
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