अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअशफाक द्वारा लगाये गये मुख्य आरोप इस प्रकार हैं - अशफाक
के बायें पैर के नाखून काले थे। मैंने उसे छिपाने के लिए लाल रंग के
टेप की अनुमति दी और ऐसा ही उनके साथ शामिल किये गये समस्त
व्यक्तियों का किया गया। उनके व्यक्तिगत अनुरोध पर मैंने उनके कपड़े
उतरवाकर कैदियों के कपड़े पहनने का कहा। उन सभी के पास छोटी
दाढ़ी और मूंछे थी जैसे पठानों की होती हैं। जब प्रोसीडिंग समाप्त हो
गयी तो अशफाक ने हमें बाएं माथे पर एक निशान दिखाया। अशफाक
ने कभी इस सच को हमें नहीं बताया था। गवाहों ने सीधे चेहरे पर
देखा और बिना हिचकिचाहट के एक ही बार में पहचान लिया।¹
अन्य तर्कों के आधार पर कहा जा सकता है कि सम्पूर्ण केस के
ट्रायल के पश्चात् मजिस्ट्रेट द्वारा जांच के उपरान्त प्राप्त साक्ष्यों के आधार
पर समस्त कार्यवाही निष्पक्षता तथा बिना दबाव के आधार पर की गयी।²
<u>निर्णय एवं प्रतिक्रिया :-</u>
सेशन जज जे०आर० डब्लू वैनट ने काकोरी काण्ड के लिए तथा
बिचपुर डकैती के लिए फांसी की सजा तथा तीन अन्य मुकदमों के लिए
काले पानी की सजा सुनाई। इस निर्णय को सुनने पर वह शान्त और
प्रसन्न भाव से खड़े रहे। काकोरी काण्ड के अन्य अभियुक्तों को निम्न
सजाएं हुईं -
• मृत्यु दण्ड - राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ,
रोशन सिंह, राजेन्द्र लाहिड़ी
• आजन्म कालापानी - शचीन्द्र नाथ सन्याल, शचीन्द्र नाथ
बख्शी
• चौदह वर्ष का कारावास - मन्मथनाथ गुप्त
- सी०आई०डी०, वायल्यूम-2, काकोरी षणयंत्र केस-उ०प्र०रा०अभि०, पृष्ठ-106
- सी०आई०डी०, वायल्यूम-2, काकोरी षणयंत्र केस-उ०प्र०रा०अभि०, पृष्ठ-106
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