अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
DevanagariHindipublished297 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 164क्राउन के वकील ने इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि अशफाक
क्राउन के वकील ने इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि अशफाक
को बहुत गवाहों ने पहचाना, वे सबसे अलग दिखने वाले थे। उनका
प्रदर्शन असामान्य था, देखने में लगते अच्छे थे और हर डकैती में मुख्य
भूमिका अदा करने वाले व्यक्ति थे।
अशफाक को पहचान के सिलसिले में बहुत से गवाह दिल्ली से भी
लाये गये थे कि वास्तव में उस दिन क्या हुआ? अशफाक की गिरफ्तारी
8 सितम्बर को हुई थी और मिले बाक्स को सीलकर दिया गया था।
अगले दिन अशफाक को गिरफ्तार करने वाले डिप्टी सुपरिन्टेन्डेन्ट खान
बहादुर हकीम इकरामुल हक और मजिस्ट्रेट सैयद मुस्तफासाह ने लिस्ट
बनाई थी, जो समान अशफाक से प्राप्त हुआ था। उस समय अशफाक ने
कहा भी था कि फोटो को नष्ट कर दीजिए लेकिन नष्ट नहीं किया गया।
अपनी बहन को अशफाक द्वारा लिखे गये पत्र से प्रतीत होता था कि वे
अपने फोटो बहन को भेजना चाहते थे।¹
अशफाक जब 13 तारीख को पहली बार आए और फोटो के प्रति
उत्सुकता जाहिर की तो सुपरिन्टेन्डेन्ट ने कहा कि वह पुनः बक्से में रख
दी गयी है और उसकी चाभी उनके पास है। उन्होंने यह आश्वासन दिया
कि बेवजह उसका कोई फायदा नहीं लेने पायेगा। बाक्स पुलिस मालखाने
में बन्द है। इस साक्ष्य से स्पष्ट होता है कि फोटो लखनऊ नहीं भेजा
गया है। 13 सितम्बर को मिस्टर हार्टन दिल्ली आये। वे अशफाक के पास
से प्राप्त वस्तुओं को देखना चाहते थे। खान बहादुर हुसैन डिप्टी
सुपरिटेंडेंट को डायरेक्ट क्रिमिनल इंटेलिजेंस के यहां सम्बद्ध कर दिया
गया। उन्होंने मालखाने आकर अशफाक के बाक्स की चीजों का निरीक्षण
किया और कुछ चीजें लेकर चले गये। लेकिन फोटोग्राफ नहीं ले गये।
- सी0आई0डी0, वाल्यूम-2, काकोरी षड़यंत्र केस-उ0प्र0रा0अभि0, पृष्ठ-104
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