सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works

अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished297 पृष्ठ

पृष्ठ 145, कुल 297 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 145

राजेन्द्र लाहिड़ी के घर भी छापा मारा गया किन्तु वे दल की ओर से बम
बनाना सिखाने के लिए कलकत्ता जा चुके थे।¹
राजकुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया गया। बनारस हिन्दू
विश्वविद्यालय के जिस कमरे में रहते थे, उसकी तलाशी ली गयी, जहां से
दो राइफलें पकड़ी गयीं। रामकृष्ण खत्री पूना में पकड़े गये। भूपेन्द्र नाथ
सन्याल इलाहाबाद में पुलिस द्वारा पकड़े गये। इलाहाबाद में हीबट रोड
पर जब एक बंगाली छात्र बम लेकर जा रहा था, तो अचानक बम फट
गया और छात्र घायल हो गया। उसने पकड़े जाने पर भूपेन्द्र नाथ
सन्याल का नाम बताया। इस प्रकार भूपेन्द्र नाथ को भी काकोरी केस में
शामिल कर लिया गया। इसी प्रकार शचीन्द्र नाथ सन्याल को लखनऊ
में, विष्णु शरण दुबलिस को मेरठ में, शिव चरन लाल को मथुरा में,
बनवारी लाल को रायबरेली में तथा मुकुन्दी लाल को बनारस में पकड़ा
गया।²
कुन्दल लाल और चन्द्रशेखर आजाद को फरार घोषित किया गया।
आजाद की गिरफ्तारी पर दो हजार रू० का ईनाम था परन्तु आजाद को
गिरफ्तार करना कोई सरल कार्य न था। आजाद कहा करते थे कि उन्हें
कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता ओर वे आजाद के रूप में जीवित रहेंगे।³
जब कभी आजाद का कोई साथी पकड़ा जाता था तो वे अपने रहने का
स्थान बदल देते थे और किसी से पत्र व्यवहार नहीं करते थे।⁴ पुलिस
बेचैन हो गयी अशफाक को गिरफ्तार करने के लिए और अशफाक उल्ला
फरार हो गये। पुलिस ने अशफाक को गिरफ्तार करने की चाल भी
चली।

  1. स्वतंत्रता आन्दोलन में जनपद शाहजहाँपुर का योगदान, एन०सी०मेहोत्रा, पृष्ठ-123
  2. स्वतंत्रता आन्दोलन में जनपद शाहजहाँपुर का योगदान, एन०सी०मेहोत्रा, पृष्ठ-123
  3. मैमायर्स, शिव वर्मा, पृष्ठ -54
  4. अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद, वैशम्पायन, पृष्ठ -6 एवं 225
    117