अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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14. इन्द्रभूषण - गोवर्ड-¹
एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार मीटिंग का उद्देश्य पिछले कार्यों की
समीक्षा करना तथा भविष्य के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना था।
रिपोर्ट के अनुसार मेरठ की बैठक में राम प्रसाद बिस्मिल, राजेन्द्र नाथ
लाहिड़ी, सुरेश चन्द्र भट्टाचार्य सहित अनेक सदस्य अनाथालय में विष्णु
शरण दुबलिस के रहने के स्थान पर इकट्ठा हुए थे। इस कार्यवाही को
पुलिस सब-इंस्पेक्टर बह्मा सिंह और पेरू सिंह ने देखा था।²
<u>गिरफ्तारियां -</u>
बिस्मिल और अशफाक अपने-अपने घर शाहजहांपुर पहुंच गये थे।
अन्य क्रांतिकारी भी अपने-अपने जिला केन्द्रों की ओर चले गये थे।
पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। डकैती में लूटे गये
नोटों के नम्बरों के आधार पर पुलिस को इस बात का पूरा संदेह हो गया
था कि शाहजहांपुर का कोई न कोई व्यक्ति काकोरी की डकैती में अवश्य
सम्बद्ध है। राम प्रसाद बिस्मिल को बन्दी बनाये जाने की आशंका को
देखकर उनके कुछ मित्रों ने उन्हें पूरी तरह सावधान रहने का परामर्श
दिया था, किन्तु बिस्मिल को इस बात का पूरा विश्वास था कि पुलिस को
उनके विरुद्ध कोई प्रमाण नहीं मिलेगा। सरकार ने डकैती में शामिल
किसी भी अभियुक्त को पकड़वाने में मदद करने वाले को 5000 रू०
इनाम देने की घोषणा की।
- पूर्वो, योगेश चन्द्र चटर्जी, पृष्ठ -379-80
- पूर्वो, योगेश चन्द्र चटर्जी, पृष्ठ -351-352
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